Sunday, November 18, 2012

"रुपहला सफ़र": लीक से हटकर कथा कहने की कला-"चीनी कम"

"रुपहला सफ़र": लीक से हटकर कथा कहने की कला-"चीनी कम"
जिंदगी की मिठास इसी में है कि आपके व्यक्तित्व में मिठास की संभावना उम्र के पढाव से तय ना हो बल्कि आंतरिक सुघडता उम्र तो धता बताती हुई आपके व्यक्तित्व पर बिछ जाए।
समाज ने अपना एक नजरिया नामक चश्मा बना रखा है और हर व्यक्ति उसी चश्में से अपनी नजरों को पैनी करने की कोशिश में लगा रहता है। लेकिन कई लोग ऐसे भी है जो जिंदगी को खुद के नजरिये से देखते है और अपनी जोखिम पर रोमांच रचते है।
फ़िल्म चीनी कम ६४ वर्ष और ३४ वर्ष के उम्र के फ़ासले पर बनी मनोरंजक फ़िल्म है जिसमें नि:स्तेज उम्र में प्यार की कपोले फ़ुटना और ३० वर्ष के फ़ासले पर खडी लडकी से प्यार का इजहार,इजहार में इकरार पुरे प्रकरण को बहुत ही हास्य-विनोद से भरपुर बनाता हुआ एक फ़िल्मी ड्रामा है।
बुद्धदेव गुप्ता(अमिताभ बच्चन)सख्त मिजाज शेफ़ और लंदन में नामचीन स्पाइस-६ इंडियन रेस्टोरेंट का मालिक है। जिसके मुताबिक उसके किचन से खाना सिर्फ़ बाहर आता है अंदर नहीं जाता।लेकिन एक कस्टमर नेहा वर्मा(तब्बु) हैदराबादी जाफ़रानी पुलाव ये कह कर लौटा देती है ये पुलाव मीठा नहीं होता ये कैसा इंडियन फ़्राड रेस्टारेंट है। ये जाफ़रानी पुलाव बातचीत में कडवाहट के साथ कुछ-कुछ इश्क की जमीन तैयार करता है।बुध्ददेव की जिंदगी में ८५ वर्षीय़ मां(जोहरा सहगल) और पडोस में ही रहने वाली ९ वर्षीय़ बच्ची है जो कैंसर से पीडित है।नामचीन शेफ़ होने के बावजुद बुध्ददेव अपने घर में ही अपने मां के हाथ की बनी रबर जैसी रोटी और सुख करेला और बेस्वादु खाना ही खाता है ये मां बेटे के प्यार की नोंक-झोंक बहुत आत्मीय और विनोदी माहौल पैदा करती है।इसी बीच एक और मजेदार केरेक्टर ओमप्रकाश वर्मा(परेश रावल) जो नेहा वर्मा के पिता है और बुध्ददेव से ६ साल छोटॆ।अपने से छ: साल छोटे व्यक्ति से उसकी लडकी हाथ मांगना और फ़िर कुछ गंभीर और हास्यापद सीन देखने काबिल है,कुछ टेस्ट चेंज करना हो तो ये फ़िल्म देखने काबिल है।
समाज में ये बहस होना कि एक बेटी की उम्र की लडकी से शादी तो समाज के सवाल समाज में ही मिलेंगे कि दो परिपक्व शरीर यदि मानसिक रुप से एक दुसरे के साथ रहने को तैयार है तो इसमें सवाल जवाब की गुंजाईश ना के बराबर होना चाहिए।प्यार उम्र के फ़ासले को नजर अंदाज करता है और जो नैसर्गिक है तो फ़िर स्वीकारोक्ति से परहेज कैसा।इल्याराज का संगीत ताजगी देता है कभी सुने तो कानों को सुकुन देता सरसराहट से निकल जाता है।

विशेष: फ़िल्म में सारे गीत अलग अलग तमिल फ़िल्मों से उठाए गए है तो अच्छे बन पडे है।
फ़िल्म: चीनी कम
वर्ष: 25 मई 2007
निर्माता:सुनील मनचंदा
निर्देशक: आर.बाल्की
संगीत:इल्याराजा
गीत:
1     चीनी कम-श्रेया घोषाल
2     सुनी सुनी -विजय प्रकाश
3     बातें हवा -अमिताभ बच्चन,श्रेया घोषाल
4     जाने दो -श्रेया घोषाल

-योगेन्द्र व्यास


No comments:

Post a Comment

https://www.facebook.com/sunil.joshi.10888/videos/2237571532949932/