Monday, November 5, 2012

गीत जिन्हे मन गाये:(आठवीं किश्त):......तो प्यार में दिल पर गोली खा लिजिए ना....प्लीज.........


मन बहुत बडबडाता है जब ऊ..ला..ला..गाना बजता है....फ़िर सोचता हुं कि आवारा-गर्दी वाला ऐसा कौन सा गाना जो मेरे समय बजता था.......
और बजता क्या था ...आज भी उसी जोश ओ-शान से हाई-वाट स्पीकर पर आज के गानो को तगडी टक्कर देता है......भागते वक्त में अगर थोडा भी मौका मिले तो हर वो शख्स  थोडी मस्ती-चुहलबाजी अवारगर्दी करना चाहता है जो कभी जिंदगी में कहीं बहुत पीछे छुट गयी थी.....पंचम,आशा और किशोर दा के साथ अगर थोडी अवारगी जीना हो तो ये गाना झुमने पर मजबुर करता है......"प्यार में दिल पे मार दे गोली....(महान१९८३)" आप भी कहेंगे कि ये क्या है भाई -अरे जब झंडु बाम,जलेबी बाई,ऊ..ला..ला जैसे गाने कानों पड ही रहे है तो क्यो ना पंचम दा के इस तडके का लुफ़्त लिया जाए जिसमें थुंबा,कांगो,ड्रम बीट आपको छकाते हुए इलेक्ट्रिक गिटार की स्ट्रिंग पर फ़िसलने के लिए छोड देते है.....यदि हेड फ़ोन पर ये गाना सुन रहे है तो रिवाल्वर की गोली एक कान से घुस कर दुसरे से बाहर जाती मालुम पडेगी.....करीब साढे पांच मिनट में स्ट्रिंग और रिदम का अदभुत ताल-मेल आशा-जी और किशोर दा के साथ इस कदर भागता है और " पंचम इन सब पर सवारी किए गाने के अंत में भोले बनते हुए कहेंगे अरे ये क्या मैंने बनाया है...." ये ऐसी ही शैतानी है जो बच्चा अपने पिता से छुप कर करता है. जब ये गाना आप "ध्यान" से सुनेंगे तो लगेगा कि अगर ये गाना वन-शाट में रिकार्ड हुआ होगा तो क्या नजारा होगा,ये वाकई साजिंदो का कमाल है......तो प्यार में दिल पर गोली खा लिजिए ना....प्लीज.........
टीप: ठंड और विकेण्ड का बेहतर स्वाद लेना हो तो अपने पसंदीदा गानो को साथ में रखिए,थोडा स्नेक्स,थर्मस में कोफ़ी डालिये और निकल पडिये अपने किसी चहेते के साथ लांग ड्राईव पर....गानो के साथ सफ़र का रोमांच और रोमांस लंबे समय तक याद रहेगा........(इंदौर-उज्जैन फ़ोर लेन से बेहतर रोमांटिक रोड फ़िलहाल नहीं है....हमारे शहर में)

http://ww.smashits.com/mahaan/pyar-mein-dil-pe-maar-de-goli/song-10916.html

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